जम्मू नगर निगम ने शहर के रिहाड़ी इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाते हुए करीब दो मरला जमीन को खाली करवाया गया। नजूल ने इस जमीन को नगर निगम को जन सुविधाओं के लिए इस्तेमाल करने के लिया था। इस पर अतिक्रमण हुआ पड़ा था जिसे खाली करवा लिया गया। बाद में निगम ने इस जमीन को खाली करवा कर तारबंदी करते हुए अपने बोर्ड लगा लिए।
रिहाड़ी गुरुद्वारा साहिब और शिशु समाधियों के नजदीक इस जमीन को खाली करवाने के लिए निगम ने की टीम ने पुलिस की मदद से कार्रवाई की। यहां गन्ने की एक रेहड़ी लगी हुई थी जिसे जब्त करते हुए सामान को हटा दिया गया। निगम की जेसीबी मशीन ने इस खाली जमीन पर किए अतिक्रमण को हटाने के साथ यहां लगे एक बिजली के खम्भे को भी हटा दिया। दल बल के साथ पहुंची निगम की खिलाफवर्जी टीम ने इस कार्रवाई को पूरा किया।
यहां जमीन पर कब्जा होने का दावा करने वाले स. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि निगम गुंडागर्दी कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास हाईकोर्ट का स्टे है लेकिन निगम बिना कोर्ट से कोई आदेश लिए इस जमीन को खाली करवा रहा है। उन्होंने दोबारा इसे कोर्ट में चुनौती देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह नजूल की भूमि है। उन्होंने कहा कि वह निगम अदालत से स्टे हटवाता फिर इस जमीन को खाली करवाता तो हमें कोई एतराज नहीं था।
वहीं जिस गन्ने की रेहड़ी लगाने वाले श्रमिक ने कहा कि वह चार साल से यहां रेहड़ी लगा रहा था। लॉकडाउन के बाद दो दिन पहले ही दोबारा काम शुरू किया। उसकी मशीन जब्त कर ली तथा जगह को खाली करवा लिया। वह प्रतिमाह 200 रुपये निगम की टीम को देते थे और इसकी रसीद लेते थे। वहीं निगम अधिकारियों ने कहा कि उनकी मशीनरी को लौटा दिया जाएगा।
फिलहाल जमीन को खाली करवा कर इस पर निगम का बोर्ड लगा दिया गया है और जल्द तारबंदी का काम पूरा कर लिया जाएगा। निगम अपनी किसी भी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने देगा। निगम के असिस्टेंट कमिश्नर रैव्न्यू का कहना है कि यह नजूल की भूमि है जो निगम को दी गई। दो मरला 41 वर्ग फुट की इस भूमि को जनसुविधाओं के लिए निगम को सौंपा गया था। जिस पर अतिक्रमण कर लिया गया था। पिछले साल भी इन्हें हटाया गया था। हमने नियमों के तहत कार्रवाई की। दो महीने का नोटिस दिया गया था। इन्होंने खाली नहीं की। अब इस जमीन को खाली करवा लिया गया।
